अमेरिका-ईरान युद्ध: भारत और पाकिस्तान को LNG संकट, चीन सुरक्षित

अमेरिका-ईरान युद्ध: भारत और पाकिस्तान को LNG संकट, चीन सुरक्षित
Priya Sahani मई, 26 2026

मध्य पूर्व में तनाव की लहरें अब सीधे एशियाई देशों के घरों और उद्योगों तक पहुंच रही हैं। अमेरिका-ईरान युद्धमध्य पूर्व ने न केवल भौगोलिक मानचित्र बदल दिए हैं, बल्कि ऊर्जा बाजार में भी हाहाकार मचा दिया है। जब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज़ से होकर जाने वाली जहाजरानी बाधाओं का सामना करना पड़ा, तो भारत और पाकिस्तान जैसे देश जो कि सस्ती गैस पर निर्भर हैं, वे अपनी सांसें रोके हुए हैं। वहीं, चीन इस पूरे झंझट से काफी हद तक सुरक्षित लग रहा है।

यह सिर्फ एक आर्थिक संकट नहीं है; यह एक अस्तित्व का प्रश्न बन गया है। कतर (Qatar) की LNG (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों ने वैश्विक आपूर्ति को ठहरा दिया है। परिणाम? बढ़ती कीमतें, देरी, और अनिश्चितता।

भारत: 10 दिनों का स्टॉक और सख्त नियंत्रण

भारत के लिए स्थिति गंभीर है। आर्गस मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के कारण हुई LNG की कमी ने भारत के औद्योगिक गैस उपयोगकर्ताओं को भारी चोट पहुंचाई है। यहाँ बात कर रहे हैं उस खंड के बारे में जो खाद, शहरी गैस और बिजली उत्पादन में लगभग 50% से अधिक गैस की जरूरत आयातित LNG से पूरी करता है।

सबसे चिंताजनक हिस्सा यह है कि भारत के पास मांग को पूरा करने के लिए केवल 10 दिनों का LPG स्टॉक बचा है। यह बहुत कम है। ऐसे में सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रसार भारती के अंतर्राष्ट्रीय चैनल DD India की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर 2026

इस आदेश के तहत, गैस का आवंटन पहले ही तय कर दिया गया है:

  • घरेलू PNG और परिवहन CNG के लिए 100% आपूर्ति।
  • चाय निर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से 80% आपूर्ति।
  • खाद और पौधों के लिए 70% आपूर्ति।

चूंकि भारत की प्राकृतिक गैस का 30% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज़ से गुजरता है, इसलिए यह बाधा सीधे भारत की गैस उपलब्धता को खतरे में डालती है। सरकार अब वैकल्पिक मार्गों से गैस जुटाने की कोशिश कर रही है।

पाकिस्तान: महंगी गैस और बिजली का संकट

सीमा पार पाकिस्तान में स्थिति और भी उग्र है। डॉन न्यूज इंग्लिश की 23 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान LNG लिमिटेड ने दिसंबर 2023 के बाद पहली बार स्पॉट टेंडर जारी किया है। यह तीन LNG कार्गो के लिए था, जिनमें से प्रत्येक में लगभग 140,000 घन मीटर गैस थी।

परंतु कीमत क्या थी? TotalEnergies द्वारा दी गई एक आपातकालीन बोली को स्वीकार किया गया, जिसकी कीमत $18.4 प्रति MMBTU थी। यह कीमत पिछले प्रस्ताव $18.88 से थोड़ी कम थी, लेकिन फिर भी यह बहुत अधिक है। यह निर्णय तब लिया गया जब बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच 4,500 मेगावाट का अंतर था, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में 7 घंटे तक लोड शेडिंग हो रही थी।

अवास लेगहरी, पाकिस्तान के फेडरल ऊर्जा मंत्री ने रॉयटर्स को बताया कि सरकार महंगे ईंधन जैसे डीजल और फर्नेस ऑयल पर निर्भरता कम करने के लिए अतिरिक्त गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। साथ ही, SOCAR (अज़रबाइजान की राज्य स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी) के साथ पिछले साल हस्ताक्षरित समझौते के तहत अतिरिक्त LNG की आपूर्ति भी संभव है।

भविष्य की रूपरेखा: घरेलू स्रोतों पर जोर

भविष्य की रूपरेखा: घरेलू स्रोतों पर जोर

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अवास लेगहरी ने एक अलग रिपोर्ट में बताया कि देश अपने घरेलू बिजली स्रोतों जैसे सोलर, विंड, परमाणु और कोयले पर बढ़ती निर्भरता के कारण वैश्विक LNG आपूर्ति व्यवधानों के प्रति कम संवेदनशील हो रहा है। उनका लक्ष्य अगले 6 से 8 वर्षों में घरेलू ऊर्जा का हिस्सा 90% तक बढ़ाना है।

भारत और पाकिस्तान दोनों ही कीमत-संवेदनशील एशियाई खरीदार हैं, जिन्होंने इस संकट का सबसे ज्यादा असर झेला है। चीन, जिसकी आपूर्ति श्रृंखला अधिक विविधीकृत है, वह "मुख्य रूप से सुरक्षित" मानी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में स्थिति सामान्य नहीं होती, LNG की कमी और उच्च कीमतें बना रहेंगी।

Frequently Asked Questions

भारत में गैस की कमी क्यों हो रही है?

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज़ में जहाजरानी बाधाएं उत्पन्न हुई हैं। चूंकि भारत की लगभग 30% प्राकृतिक गैस इस मार्ग से आती है, इसलिए आपूर्ति में रुकावट आई है। इसके अलावा, कतर की LNG बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों ने वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित किया है।

भारत सरकार ने गैस आवंटन के लिए क्या कदम उठाए हैं?

सरकार ने 'नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर 2026' जारी किया है। इसके तहत घरेलू PNG और परिवहन CNG को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है (100% आपूर्ति), जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं और खाद कंपनियों को क्रमशः 80% और 70% आपूर्ति का प्रावधान है।

पाकिस्तान ने LNG की खरीद के लिए कितनी कीमत चुकाई?

पाकिस्तान LNG लिमिटेड ने TotalEnergies से आपातकालीन आधार पर LNG कार्गो खरीदा है, जिसकी कीमत $18.4 प्रति MMBTU थी। यह कीमत मूल प्रस्ताव $18.88 से कम थी, लेकिन यह अभी भी बाजार की तुलना में उच्च दर मानी जाती है।

चीन इस ऊर्जा संकट से कैसे प्रभावित हो रहा है?

विश्लेषकों के अनुसार, चीन इस संकट से "मुख्य रूप से सुरक्षित" है। इसका कारण चीन की विविधीकृत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भरता है, जो उसे मध्य पूर्वी आपूर्ति की कमी से कम प्रभावित करती है।

पाकिस्तान का दीर्घकालिक ऊर्जा योजना क्या है?

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अवास लेगहरी के अनुसार, अगले 6 से 8 वर्षों में देश अपने घरेलू ऊर्जा स्रोतों (सौर, पवन, परमाणु) का हिस्सा 90% तक बढ़ाने की योजना बना रहा है ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सके।